KAVITA, LEKH, RAS-RANG,
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Sunday, June 26, 2011
साजन (तेरी नजरों का प्यार भरा था)
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उस - एक तराजू के पलड़े में सोना -चांदी कुछ प्यार भरा था नफरत थी कुछ घृणा भरी थी जीवन संग अंगार भरा था !! इस झुके हुए पलड़े में साजन ...
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Friday, June 17, 2011
नैन मिल ही गए बात हो जाने दो
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(हार्दिक आभार जागरण जंक्सन (३०.०६.२०११) और हमारे प्रिय पाठकों को -इस सम्मान तक लाने में (निम्न फोटो साभार गूगल/नेट से) नैन मिल ही गए ...
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Tuesday, May 24, 2011
मेरी बिटिया जब आई तो
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मेरी बिटिया जब आई तो भोर हुआ इक नया सवेरा मलयानिल जैसे पुरवाई ! मन महका शीतलता छाई !! उमड़ घुमड़ घन छाये गरजे ! रिमझिम रिमझिम बादल बरसे...
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