KAVITA, LEKH, RAS-RANG,
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Saturday, November 19, 2011
सबसे प्यारी "जान" है तू
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आइये बेटियों का स्वागत करें भेद-भाव मिटायें ... यहाँ पढ़ें और आशीष दें उन्हें .... सबसे प्यारी -- "जान" है तू , bhramar 5 2...
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Tuesday, November 15, 2011
जब अधर छुए तो कांपा तन-मन
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मौसम बदला बदली थी जमीं ! हर रंग प्यार का बदला था खुशियाँ तो हर पग थीं बरसी पर हर कुछ नया नया सा था इतनी लज्जा ...
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Wednesday, November 2, 2011
खड़ी आईने के संग जाकर
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प्रिय मित्रों सजने संवरने के दिन आ गये दिवाली गयी तो रोशन कर गयी मन को तन को -अब सब वक्त को निहार लें किस मुकाम पर कौन खड़ा है क्या कौन झाँ...
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