KAVITA, LEKH, RAS-RANG,
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Monday, February 24, 2014
जो मुस्का दो खिल जाये मन
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जो मुस्का दो खिल जाये मन --------------------------------- खिला खिला सा चेहरा तेरा जैसे लाल गुलाब मादक गंध जकड़ मन लेती जन्नत है आफ...
2 comments:
Thursday, October 10, 2013
खुश्बू फ़िज़ा मे बिखरी
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खुश्बू फ़िज़ा मे बिखरी ================= (photo with thanks from google /net) चेहरा तुम्हारा पढ़ लूँ पल भर तो ठहर जाना नै...
Saturday, October 5, 2013
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम् ||
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वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम् || वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम् || जय माँ शैलपुत्री .. प्रिय ...
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