Sunday, April 10, 2022
कन्या पूजन चैत्र नवरात्रि
BHRAMAR KA DARD AUR DARPAN: कन्या पूजन चैत्र नवरात्रि: चैत्र नवरात्रि में मां जगदम्बे की पूजा पाठ के अलावा कन्या या कंजिका पूजन और गरीब बच्चों के भोज का महत्व और आनंद अद्भुत होता है , नौ दिन ...
Friday, March 25, 2022
विरहिन
बगिया में कोयल कूके
मन ना भाए
मोरे साजन न आए
लाल लाल फूल खिले
जिया को जलाए
बदरंग होली अगुन लगाए
सूख गई बाली बाली
तपन बढ़ी उर
सजना से ही हरियाली
जेठ दुपहरी सूना आंगन
जेठ न भाए
साजन बस नैना तरसाए
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर 5
Thursday, August 19, 2021
खो गए प्रेम के गीत
मै रोज तकूं उस पार
हे प्रियतम कहां गए
छोड़ हमारा हाथ
अरे तुम सात समुंदर पार
नैन में चलते हैं चलचित्र
छोड़ याराना प्यारे मित्र
न जाने कहां गए......
एकाकी जीवन अब मेरा
सूखी जैसी रेत
भरा अथाह नीर नैनों में
बंजर जैसे खेत
वो हसीन पल सपने सारे
मौन जिऊं गिन दिन में तारे
न जाने कहां गए....
हरियाली सावन बादल सब
मुझे चिढ़ाते जाते रोज
सूरज से नित करूं प्रार्थना
नही कभी वे पाते खोज
रोज उकेरूं लहर मिटा दे
चांद चकोरा के वे किस्से
न जाने कहां गए....
तड़प उठूं मैं मीन सरीखी
यादों का जब खुले पिटारा
डाल हाथ इस सागर तीरे
जब हम फिरते ज्यूं बंजारा
खो गए प्रेम के गीत
बांसुरी पायल की धुन मीत
न जाने कहां गए.....
…...............
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर 5
प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश , भारत।
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