BHRAMAR KI MADHURI KAARAN AUR NIVARAN

Saturday, August 13, 2011

मोरा सैयां बड़ा नादान हो



मोरा सैयां बड़ा नादान हो
आवई आधी रतिया बिताई के
बारह मास परदेश बितावे 
सावन  - भादों पहचान हो 
आधी रतिया बिताई के 
मोरा सैयां बड़ा नादान हो
आवई सारी रतिया बिताई के !!

घरहूँ आये घूमी खेलि बितावे
बाल मन -२ कईसन  होए जवान हो
आधी रतिया बिताई के 
मोरा सैयां बड़ा नादान हो
आवई सारी रतिया बिताई के !!

जाम भरे नैनन मै दिन भर निहारूं 
छैला आवे तो -२ रस छलकाई हो  
आधी रतिया बिताई के 
मोरा सैयां बड़ा नादान हो
आवई सारी रतिया बिताई के !!

रात रानी सेजिया चमेली सजाऊँ
महकि  गमकि -२ कुम्हिलाई हो
आधी रतिया बिताई के 
मोरा सैयां बड़ा नादान हो
आवई सारी रतिया बिताई के !!

पाऊडर क्रीम सब सेंट लगाऊं
हँसे बतियों में -२ बस उलझाई के
आधी रतिया बिताई के 
मोरा सैयां बड़ा नादान हो
आवई सारी रतिया बिताई के !!

सोलह श्रृंगार सखी भौंरे को छेड़ूँ
पास आवे तो -२ अंचरा लुकाई हो
आधी रतिया बिताई के 
मोरा सैयां बड़ा नादान हो
आवई सारी रतिया बिताई के !!

लौंगा इलायची मधुर बीरा लगाऊं
चाबे ना -२ निंदिया भुलाई हो
आधी रतिया बिताई के 
मोरा सैयां बड़ा नादान हो
आवई सारी रतिया बिताई के !!

सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर ५
14.08.2011
जल पी बी  ८.३५ पूर्वाह्न  

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