BHRAMAR KI MADHURI KAARAN AUR NIVARAN

Saturday, June 29, 2013

मुस्कान



कभी मिला के नैना हमसे अधर खिला मुस्कान दिए 


बेरहमी से दिल से निकले लगा हमारी जान लिए !!








please be united and contribute for society ....Bhramar5

3 comments:

संजय भास्‍कर said...

सुबह सुबह मन प्रसन्न हुआ रचना पढ़कर !

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

संजय भास्‍कर has left a new comment on your post "मुस्कान":

सुबह सुबह मन प्रसन्न हुआ रचना पढ़कर !

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

ये छोटी सी रचना आप को मुस्कान दे सकी और वो भी सुबह सुबह मेरा भी मन सुन खुश हो गया आभार
भ्रमर ५