BHRAMAR KI MADHURI KAARAN AUR NIVARAN

Monday, April 11, 2011

नौवां दिन - माता सिद्धिदात्री का - आइये इनकी चरण वंदना करें

नौवां  दिन - माता सिद्धिदात्री का - आइये इनकी चरण वंदना करें 


(photo with thanks from other source)
(mantra chhavi sabhar dhanyvad ke sath anya srot se )
माँ दुर्गा का नौवां स्वरुप माता सिद्धिदात्री का है .
 आज इस नवरात्रि पावन  पर्व का अंतिम दिन है जिसे हम नवमी के नाम से जानते हैं पूजते हैं . इनके साथ आठ सिद्धियाँ जुडी हुयी हैं जिनकी प्रदाता माँ दुर्गा हैं और अपने प्रिय भक्तों पर अपना आशीष बरसा जाती हैं वे हैं अनिमा, महिमा गरिमा , लघिमा ,प्राप्ति, प्राकर्न्य ,ईशित्व, और वशित्व. जिनका वर्णन विषद है और संक्षेप में हम यह समझ लें कि इससे हमें हर चीज क़ी प्राप्ति होती है चाहे वह गरिमा , महिमा, यहाँ तक कि ईश्वर क़ी  भी प्राप्ति संभव है,माँ को हम प्रेम से भजें और और इनकी सिद्धियों का प्रसाद हम पायें तो आज के इस तप्त संसार में भी हम शांति क़ी प्राप्ति कर अपने मन को शीतल बना कर सब कुछ शीतल कर एक अनूठा योगदान दे सकते हैं - माँ शक्ति इन सभी आठों सिद्धियों क़ी प्रदाता है ऐसा कहा गया है ' देवी पुराण में कि हमारे सर्व शक्तिमान प्रभु शिव ने भी ये शक्तियां माँ  शक्ति कि आराधना पूजा करके प्राप्त की.

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  माँ शक्ति की कृपा से शिव जी का आधा शारीर माँ शक्ति का हो गया था और इसी से हमारे पूज्य शिवजी का एक नाम अर्धनारीश्वर  पड़ गया और विख्यात हो गया
माँ अपने इस नौवें स्वरुप सिद्धिदात्री में सिंह पर आरूढ़ हैं और चार भुजा धारिणी हैं .माँ शक्ति सभी अष्ट सिद्धियों की प्रदाता हैं हमें यह हमेशा याद रख अपनी शक्ति का वरदान येन केंन प्रकारेण माँ की आराधना कर हासिल करना ही है . ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार १८ प्रकार की प्राप्तियां बताई गयी हैं जो हैं अनिमा, महिमा, गरिमा ,लधिमाप्राप्ति, प्राकाम्यईशित्व , वशित्वसर्वाकमल सधित्यसर्वग्यनात्व,दुर्श्रवना,पर्कायाप्रवेशन,वाकासिद्धि,कल्पवृशात्व , श्रृष्टि , सम्हार्कारान्सामार्थ्य , अमरत्व , सर्वन्ययाकत्व , भावना और  सिद्धि . अधिकतर कमल पर विराजमान प्रायः चार भुजा वाली , और  अलग अलग तरह की सिद्धियों की प्रदाता माँ अपने भक्तों पर इन दिनों और भी मेहरबान रहती हैं और हम यदि शुद्ध मन से उनका पूजन आवाहन करें तो माँ शक्ति हमारे अन्दर एक अद्भुत शक्ति दे ही जाती है , माँ सिद्धिदात्री का तीर्थ स्थान हिमालय की नंदा पर्वत श्रेणियों , पहाड़ियों में माना जाता हैं -हमारी नारी समाज इन नौ  दिनों में माँ का व्रत रख कन्याओं को भोज करा उनका आशीष पाती हैं और अपने साथ साथ हम में  भी शक्ति का संचार करती हैं -हे माँ जगद जननी दे हम सब को आशीष की इसी नवरात्री सा पावन हमारा हर दिन और हर रात्रि बना रहे

सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर
12.04.2011

4 comments:

Manpreet Kaur said...

बहुत ही अच्छा पोस्ट है !मेरे ब्लॉग पर आये ! हवे अ गुड डे !
Music Bol
Lyrics Mantra
Shayari Dil Se

चैतन्य शर्मा said...

बहुत सुंदर ...रामनवमी और नवरात्री की बधाई....शुभकामनायें ...

Surendrashukla Bhramar-सुरेन्द्र शुक्ल भ्रमर५ said...

मनप्रीत जी शुभ कामनाएं आप को पावन पर्व नवरात्री की, आपका ब्लॉग बड़ा प्यारा लगा

- हिंदी जगत में योगदान के लिए बधाई आइये सब मिल एक नई धरा में प्रेम की धारा प्रवाहित करें आइये हमारे अन्य ब्लॉग पर भी अपने समर्थन व् सुझाव के साथ

सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर५

Surendrashukla Bhramar-सुरेन्द्र शुक्ल भ्रमर५ said...

चैतन्य शर्मा जी शुभ कामनाएं आप को भी पावन पर्व नवरात्री की, आपका ब्लॉग बड़ा प्यारा लगा

- हिंदी जगत में योगदान के लिए बधाई आइये सब मिल एक नई धरा में प्रेम की धारा प्रवाहित करें

हमने तो नानू को भी बर्थ डे की शुभ कामनाएं दी थी आप के साथ

हमारे अन्य ब्लॉग पर भी अपने समर्थन व् सुझाव के साथ आइये न

सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर५