BHRAMAR KI MADHURI KAARAN AUR NIVARAN

Friday, April 15, 2011

तेरे नैनो के सागर में



तेरे नैनो के
सागर में

नौकायन में
बीच धार में
नौका जब कुछ
बस के बाहर
बह निकली थी
किसी भंवर में
तेरे नैनो के
सागर में
पहले ही मै
डूब गई थी   
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर ५
१६.०४.2011





2 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

नैनो के सागर में डूबना अच्छा बिम्ब है ....सुन्दर अभिव्यक्ति

Surendrashukla" Bhramar" said...

आदरणीया संगीता स्वरुप जी नमस्कार - हार्दिक अभिनन्दन है आप का यहाँ -तेरे नैनो के सागर में आप को भाई सुन हर्ष हुआ